🔴 अ/आ-वर्गः
अ + अ = आ
अ + आ = आ
आ + अ = आ
आ + आ = आ
🔵 इ/ई-वर्गः
इ + इ = ई
इ + ई = ई
ई + इ = ई
ई + ई = ई
🟢 उ/ऊ-वर्गः
उ + उ = ऊ
उ + ऊ = ऊ
ऊ + उ = ऊ
ऊ + ऊ = ऊ
⭐ समानस्वरयोः संयोगे तयोः स्थाने तस्यैव दीर्घस्वरः भवति।
| क्र. | सन्धिविच्छेदः | सन्धिपदम् | उदाहरणवाक्यम् |
|---|---|---|---|
| १ | देव + आलय | देवालय | देवालये जनाः पूजां कुर्वन्ति। |
| २ | हिम + आलय | हिमालय | हिमालयः भारतस्य प्रसिद्धः पर्वतः अस्ति। |
| ३ | पुस्तक + आलय | पुस्तकालय | छात्राः पुस्तकालये पठन्ति। |
| ४ | विद्यालय + आलय | विद्यालय | विद्यालये छात्राः अध्ययनं कुर्वन्ति। |
| ५ | धर्म + अर्थ | धर्मार्थ | धर्मार्थं जनाः सेवां कुर्वन्ति। |
| ६ | नर + अधम | नराधम | नराधमः जनान् पीडयति। |
| ७ | परम + अर्थ | परमार्थ | परमार्थः मानवजीवनस्य महत्त्वपूर्णः विषयः अस्ति। |
| ८ | लोक + अधिपति | लोकाधिपति | लोकाधिपतिः प्रजाः पालयति। |
| ९ | महा + आत्मा | महात्मा | महात्मा गांधी सत्यस्य उपासकः आसीत्। |
| १० | महा + आशय | महाशय | महाशयः सर्वान् अभिवादयति। |
| ११ | विद्या + आलय | विद्यालय | विद्यालयः ज्ञानस्य केन्द्रम् अस्ति। |
| १२ | विद्या + अर्थी | विद्यार्थी | विद्यार्थी परिश्रमेण पठति। |
| १३ | रमा + आलय | रमालय | रमालयः सुन्दरः अस्ति। |
| १४ | महा + आनंद | महानन्द | उत्सवे महानन्दः अभवत्। |
| १५ | जन + आक्रोश | जनाक्रोश | अन्यायस्य विरुद्धं जनाक्रोशः अभवत्। |
| १६ | देव + अर्चना | देवार्चना | प्रातःकाले देवार्चना भवति। |
| १७ | रवि + इन्द्र | रवीन्द्र | रवीन्द्रः कुशलः छात्रः अस्ति। |
| १८ | मुनि + इन्द्र | मुनीन्द्र | मुनीन्द्रः जनान् उपदिशति। |
| १९ | गिरि + ईश | गिरीश | गिरीशः संस्कृतं पठति। |
| २० | कवि + ईश्वर | कवीश्वर | कवीश्वरः सुन्दरं काव्यं रचयति। |
| २१ | हरि + ईश | हरीश | हरीशः विद्यालयं गच्छति। |
| २२ | कपि + ईश | कपीश | कपीशः वानराणां स्वामी कथ्यते। |
| २३ | मुनि + ईश | मुनीश | मुनीशः तपस्यां करोति। |
| २४ | पति + इन्द्र | पतीन्द्र | पतीन्द्रः नाम प्रसिद्धम् अस्ति। |
| २५ | अभि + इष्ट | अभीष्ट | सः अभीष्टं लक्ष्यं प्राप्नोति। |
| २६ | अति + इव | अतीव | इदं स्थानम् अतीव रमणीयम् अस्ति। |
| २७ | प्रति + ईक्षा | प्रतीक्षा | सा मम प्रतीक्षां करोति। |
| २८ | अधि + ईश्वर | अधीश्वर | भक्ताः अधीश्वरस्य आराधनां कुर्वन्ति। |
| २९ | सु + उक्ति | सूक्ति | महापुरुषाणां सूक्तयः प्रेरणादायकाः सन्ति। |
| ३० | सु + उक्त | सूक्त | वेदेषु अनेकानि सूक्तानि सन्ति। |
| ३१ | भानु + उदय | भानूदय | भानूदये आकाशः सुन्दरः भवति। |
| ३२ | भानु + ऊर्जा | भानूर्जा | भानूर्जा उपयोगिनी अस्ति। |
| ३३ | लघु + ऊर्मि | लघूर्मि | लघूर्मिः जलस्य शोभां वर्धयति। |
| ३४ | वधू + उत्सव | वधूत्सव | वधूत्सवे सर्वे जनाः सम्मिलिताः भवन्ति। |
| ३५ | गुरु + उपदेश | गुरूपदेश | गुरूपदेशस्य पालनं करणीयम्। |
| ३६ | सिन्धु + उदक | सिन्धूदक | सिन्धूदकं पवित्रं मन्यते। |
| ३७ | साधु + उपदेश | साधूपदेश | साधूपदेशः जीवनाय मार्गदर्शकः भवति। |
| ३८ | शिशु + उत्सव | शिशूत्सव | शिशूत्सवे बालकाः आनन्दिताः भवन्ति। |
| ३९ | कण + आहार | कणाहार | कणाहारः शरीराय उपयोगी भवति। |
| ४० | अन्न + अभाव | अन्नाभाव | अन्नाभावः जनानां कृते कष्टदायकः अस्ति। |
| ४१ | जल + आशय | जलाशय | जलाशये पर्याप्तं जलम् अस्ति। |
| ४२ | शरण + आगत | शरणागत | शरणागतस्य रक्षा कर्तव्या। |
| ४३ | राज + आदेश | राजादेश | राजादेशस्य पालनं कृतम्। |
| ४४ | ग्राम + आगमन | ग्रामागमन | गुरोः ग्रामागमनं अभवत्। |
| ४५ | देव + अवतार | देवावतार | श्रीरामः देवावतारः मन्यते। |
| ४६ | शुभ + आगमन | शुभागमन | भवतः शुभागमनं अस्माकं सौभाग्यम् अस्ति। |
| ४७ | गण + अध्यक्ष | गणाध्यक्ष | गणाध्यक्षः सभां सम्बोधयति। |
| ४८ | लोक + आयुक्त | लोकायुक्त | लोकायुक्तः जनानां समस्याः शृणोति। |
| ४९ | महा + आपदा | महापदा | महापदायां सर्वैः सावधानैः भवितव्यम्। |
| ५० | यथा + अर्थ | यथार्थ | वयं यथार्थं विषयं ज्ञातुम् इच्छामः। |