संस्कृत भाषायाम् उपसर्गाः (Sanskrit Prefix)
उपसर्गस्य सम्बन्धः धातुना सह भृशं रोचकः वर्तते। महर्षेः पाणिनेः मतानुसारम्— "क्रियायोगे प्रादयः" अर्थात् क्रियायाः योगे प्रयुक्ताः 'प्र' इत्यादयः उपसर्गाः संज्ञां प्राप्नुवन्ति। उपसर्गाः धातूनाम् अभ्यासे स्थाप्यन्ते, येन धातु-अर्थे परिवर्तनं वा विशेषता वा आयाति।
उदाहरणम् (यथा 'हार' शब्दस्य अर्थ-परिवर्तनम्):
- प्र + हार = प्रहार (मार, चोट)
- आ + हार = आहार (भोजन)
- सम् + हार = संहार (विनाश)
- वि + हार = विहार (भ्रमण)
- परि + हार = परिहार (वर्जन)
धातुषु उपसर्गाणां प्रभावः (३ प्रकाराः)
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१. धात्वर्थस्य बाधनम् (मुख्य-अर्थे परिवर्तनम्):
कदाचित् उपसर्गः धातोगोचरं मुख्यमर्थं बाधित्वा नवीनम् अर्थं बोधयति।- भवति (होता है) ➔ परा भवति = पराजित होता है
- भवति ➔ अनु भवति = अनुभव करता है
- भवति ➔ परि भवति = अनादर करता है
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२. धात्वर्थस्य अनुवर्तनम् (अर्थस्यानुगमनम्):
कदाचित् उपसर्गः मूल-धात्वर्थमेव अनुवर्तते।- लोकयति = देखता है ➔ अवलोकयति = देखता है
- बोधति = जानता है ➔ अवबोधति = जानता है
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३. धात्वर्थस्य विशेषता (विशेषण रूपम्):
कदाचित् उपसर्गः धातोरर्थं विशिष्टं वा तीव्रं करोति।- कम्पते = काँपता है
- प्रकम्पते = प्रकृष्ट रूप से काँपता है
- आकम्पते = पूरी तरह से काँपता है
- विकम्पते = विशेष रूप से काँपता है
द्वाविंशतिः (२२) उपसर्गाः तेषामर्थाः च
संस्कृते आहत्य २२ (द्वाविंशतिः) उपसर्गाः भवन्ति:
1. प्र : अधिक, प्रकर्ष
2. परा : उल्टा, पीछे
3. अप : उल्टा, दूर
4. सम् : अच्छी तरह, एक साथ
5. अनु : पीछे
6. अव : नीचे, दूर
7. निस् : बिना, बाहर
8. निर् : बाहर, उल्टा
9. दुस् : कठिन, उल्टा
10. दुर् : बुरा
11. वि : बिना, अलग, विशेष
12. आङ् (आ) : तक, इधर
13. नि : नीचे
14. अधि : ऊपर, श्रेष्ठ
15. अपि : निकट, संसर्ग
16. अति : बहुत अधिक
17. सु : सुन्दर, आदर
18. उत् : ऊपर
19. अभि : सामने, ओर
20. प्रति : ओर, उल्टा
21. परि : चारों ओर
22. उप : समीप
उपसर्ग-रूप-प्रयोगाणां विस्तृत-तालिका
| क्र.सं. | उपसर्गः | विच्छेदः तथा संधिः | निष्पन्नपदम् | हिन्दी अर्थः |
|---|---|---|---|---|
| 1 | प्र | प्र + भवति / नमति | प्रभवति / प्रणमति | प्रकट होता है / प्रणाम करता है |
| 2 | परा | परा + भवति / जयति | पराभवति / पराजयते | पराजित होता है / पराजित करता है |
| 3 | अप | अप + करोति / सरति | अपकरोति / अपसरति | बुराई करता है / दूर हटता है |
| 4 | सम् | सम् + भवति / क्षिपति | सम्भवति / संक्षिपति | संभव होता है / संक्षेप करता है |
| 5 | अनु | अनु + भवति / गच्छति | अनुभवति / अनुगच्छति | अनुभव करता है / पीछे जाता है |
| 6 | अव | अव + गच्छति / तरति | अवगच्छति / अवतरति | समझता है / नीचे उतरता है |
| 7 | निस् | निस् + सरति / तरति | निस्सरति / निस्तरति | निकलता है / समाप्त करता है |
| 8 | निर् | निर् + ईक्षते / गच्छति | निरीक्षते / निर्गच्छति | निगरानी करता है / निकलता है |
| 9 | दुस् | दुस् + चरति / करोति | दुश्चरति / दुष्करोति | बुरा काम करता है / दुष्कर्म करता है |
| 10 | दुर् | दुर् + गच्छति / नयति | दुर्गच्छति / दुर्नयति | दुःख भोगता है / अन्याय करता है |
| 11 | वि | वि + तरति / जयति | वितरति / विजयते | बाँटता है / जीतता है |
| 12 | आङ् (आ) | आ + नयति / गच्छति | आनयति / आगच्छति | लाता है / आता है |
| 13 | नि | नि + वेदयति / वर्तते | निवेदयति / निवर्तते | निवेदन करता है / लौटता है |
| 14 | अधि | अधि + करोति / वसति | अधिकरोति / अधिवसति | अधिकार करता है / निवास करता है |
| 15 | अपि | अपि + गिरति / धत्ते | अपिगिरति / अपिधत्ते | स्तुति करता है / ढँकता है |
| 16 | अति | अति + शेते / क्रमति | अतिशेते / अतिक्रामति | बढ़कर होता है / अतिक्रमण करता है |
| 17 | सु | सु + पचति / शोभते | सुपचति / सुशोभते | अच्छी तरह पकाता है / बहुत शोभता है |
| 18 | उत् | उत् + गच्छति / तिष्ठति | उद्गच्छति / उत्तिष्ठति | ऊपर जाता है / उठता है |
| 19 | अभि | अभि + मन्यते / अस्यति | अभिमन्यते / अभ्यस्यति | अभिमान करता है / अभ्यास करता है |
| 20 | प्रति | प्रति + करोति / गृह्णाति | प्रतिकरोति / प्रतिगृह्णाति | प्रतिकार करता है / स्वीकार करता है |
| 21 | परि | परि + नयति / क्रमति | परिणयति / परिक्रमति | विवाह करता है / परिक्रमा करता है |
| 22 | उप | उप + करोति / दिशति | उपकरोति / उपदिशति | उपकार करता है / उपदेश देता है |